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1. लड़की को पहले देखो और वो जब आपके सामने देखे तो उसे इशारा मरो की उसके गाल पर कुछ है और जब वो गाल को साफ़ करे तो इशारे से बोलो की इस गाल पार नहीं बाजु के गाल पर है|
2. लड़कियों से उसी टॉपिक पर बात -चित करो जिस में [...]
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1. लड़की को पहले देखो और वो जब आपके सामने देखे तो उसे इशारा मरो की उसके गाल पर कुछ है और जब वो गाल को साफ़ करे तो इशारे से बोलो की इस गाल पार नहीं बाजु के गाल पर है|
2. लड़कियों से उसी टॉपिक पर बात -चित करो जिस में [...]
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गाना – लाले रंग सेनुर बा………..
एल्बम – सातों रे बहिनियाँ
स्वर – भरत शर्मा
Gana – Lale Rang Senura Ba …………
Album – Sato re Bahiniyan
Swar – Bharat Sharma
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गाना – कीर्ति सबका से न्यारी बा……….
एल्बम – सातों रे बहिनियाँ
स्वर – भरत शर्मा
Gana – Kirti Sabka se Nyari baa
Album – Sato re Bahiniyan
Swar – Bharat Sharma
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एक अति आधुनिका कम-से-कम वस्त्र पहनने की करती है अपील और पक्ष में देती है ये दलील कि, “नारी की इज्ज़त बचाने का यही है अस्त्र, तन पर धारो कम-से-कम वस्त्र। फ़िर पास नहीं फटकेगा कोई पापी दुशासन जैसा, जब चीर ही ना होगा तन पर तब, चीरहरण [...]
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चल पागल मोहब्बत करनी भी नहीं आती झूठे वादे करके वादा पूरा न करना, जन्मो के इंतजार की बाते करके इस जन्म में भी इंतजार न करना मुरझाये गुल को भी गुलाब बता देना खाली पास बुक अम्बानी की बता देना उधार की गाडी को अपना बना लेना ये हई आज का [...]
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वो होंठ तेरे कानों
पर धरे कुछ सुना गए
वो गीत तेरे, मेरे अधर
गुनगुना गए
वो खुशबू तेरी रगों में
मेरी लोट गई
वो जुल्फ तेरी
मेरी पेशानी उलझा गई
वो सांसें मेरी दर्द से
तारी हो गईं
वो बलाएं तेरी
मुट्ठी में मेरी समा गईं
तेरी जान का सदक़ा
हम अपनी उम्र पे वार आये
क्या होगा तुम्हें
ज़रा ये तो बताओ
जब अपनी [...]
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तुम्हारी चोट सेमेरा दरकना लाज़मी तो नहीं,
मगरकुछ बातें मेरे इख्तियार में भी नहीं,
मुझे बार-बार तोड़ना, फिर जोड़ना,
प्रिय शगल है तुम्हारा, स्वामित्व का बोध कराता है|
तुम सिर्फ मेरी हो पुख्ता अहसास दिलाता है,
मैं तुम्हें खुश होने देती हूँ,
इसलिए नहीं, कि मैं निर्बल हूँ,
इसलिए! क्योंकि,
मैं टूटी तो तुम बिखर जाओगे,
ख़ुद को अपने चारों ओर [...]
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एक ग्लोकल उपन्यास जल्दी ही छपकर आयी है – मुन्नी मोबाइल।
ग्लोबल से लेकर लोकल मसलों का क्रियेटिव प्रस्तुतीकरण इसमें है। उपन्यास के लेखक हैं – प्रदीप सौरभ। करीब चौथाई शताब्दी से भी ज्यादा का पत्रकारिता – लेखन का तजुरबा रखने वाले प्रदीप सौरभ ने तमाम मसलों, प्रक्रियाओं को काफी गहराई से [...]
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हमें इज़हार करना न आया,
उन्हें प्यार करना न आया,
हम बस देखते ही रह गए,
और वक़्त को थामना न आया ,
वोह चलते चलते इतने दूर चले गए,
हमें रोकना [...]
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तीन ठेकेदार एक पुलिया की मरम्मत के ठेके के लिए बोली लगाने पहुंचे। अधिकारी उन्हें उस पुलिया पर ले गया जिसकी मरम्मत होनी थी।
पहले ठेकेदार ने जेब से फीता निकाला, कुछ नापतौल की, कैलकुलेटर पर कुछ हिसाब लगाया और बोला – मैं इस काम को 90000 रुपए में कर दूंगा। 40000 सामग्री [...]
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एक सुबह, एक खूबसूरत लड़की बस स्टॉप पर खड़ी थी। वहां से गुजर रहे एक लड़के ने उसे छेड़ने की नीयत से शरारत की – चांद तो रात को निकलता है, आज दिन में कैसे निकल आया ? लड़की ने मुस्कुराकर जवाब दिया – उल्लू तो रात को बोलता है, आज [...]